LATEST POSTS

Sunday, 2 December 2018

श्री लक्ष्मी जी की आरती




श्री लक्ष्मी जी की आरती


ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता ।
तुमको निशदिन सेवत, हर विष्णु विधाता ॥ ॐ जय… ॥
उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही हो जग-माता ।
सूर्य चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता ॥ ॐ जय… ॥
दुर्गा रुप निरंजनि, सुख-सम्पत्ति दाता ।
जो को‌ई तुमको ध्याता, ऋद्घि-सिद्घि धन पाता ॥ ॐ जय… ॥
तुम ही पाताल बसंती, तुम ही शुभदाता ।
कर्म प्रभाव प्रकाशिनि, भवनिधि की त्राता ॥ ॐ जय… ॥
जिस घर में तुम रहती, सब सद्‍गुण आता ।
सब सम्भव हो जाता, मन नहीं घबराता ॥ ॐ जय… ॥
तुम बिन यज्ञ न होवे, वस्त्र न को‌ई पाता ।
खान पान का वैभव, सब तुमसे आता ॥ ॐ जय… ॥
शुभ-गुण मंदिर सुन्दर, क्षीरोदधि-जाता ।
रत्‍न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता ॥ ॐ जय… ॥
श्री महालक्ष्मीजी की आरती, जो को‌ई नर गाता ।
उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता ॥ ॐ जय… ॥

Share this:

Post a Comment

 
Copyright © 2019 Vrat Aur Tyohar. | All Rights Reserved '>