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Monday, 3 December 2018

श्री विन्धेश्वरी माता की आरती

श्री विन्धेश्वरी माता की आरती

श्री विन्धेश्वरी माता की आरती 

सुन मेरी देवी पर्वतवासिनि, तेरा पार न पाया |
पान सुपारी ध्वजा नारियल, ले तेरी भेंट चढ़ाया | 
सुन मेरी देवी पर्वतवासिनि, सुवा चोली तेरे अंग विराजै, केसर तिलक लगाया | 
सुन मेरी देवी पर्वतवासिनि, नंगे पग अकबर आया, सोने का छत्र चढ़ाया |
सुन मेरी देवी पर्वतवासिनि, ऊंचे पर्वत भयो देवालय, नीचे शहर बसाया |
सुन मेरी देवी पर्वतवासिनि, सतयुग, त्रेता द्वापर मध्ये, कलियुग राज सवाया | 
सुन मेरी देवी पर्वतवासिनि, धूप दीप नैवेघ आरती, मोहन भोग लगाया | 
सुन मेरी देवी पर्वतवासिनि, ध्यानू भगत मैया तेरे गुण गावै, मनवांछित फल पावैं | 
सुन मेरी देवी पर्वतवासिनि, तेरा पार न पाया |

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