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Monday, 11 March 2019

होलिका दहन कैसे करें?होली कैसे जलायें

होलिका दहन कैसे करें?होली कैसे जलायें

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होली हिंदुओं का अत्यंत प्रमुख पर्व है । होली का पर्व दो दिन मनाया जाता है। पहले दिन होलिका दहन होता है इस दिन होलिका को जलाया जाता है और दूसरे दिन सभी लोग हर्ष उल्लास से रंग खेलते है । शास्त्रो में होलिका दहन की विधि बतायी गयी है, मान्यता है कि होलिका दहन विधिपूर्वक करने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है, घर कारोबार में सुख-समृद्धि का वास होता है, जानिए होलिका दहन कैसे करें, होली कैसे जलायें ।

 वर्ष 2019 में होलिका दहन का शुभ मुहूर्त बुधवार 20 मार्च को है । लेकिन प्रात: 10.45 बजे से रात्रि 8.59 बजे तक भद्रा रहेगी। इसलिए इस वर्ष रात्रि 9 बजे के बाद होलिका दहन किया जाएगा।

 21 मार्च 2019 को रंगवाली होली जिसे धुलेंडी, धुलंडी और धूलि आदि भी कहते है खेली जाएगी ।

 होलिका दहन करने से पहले होली की पूजा की जाती है। होलिका दहन मुहुर्त समय में जल, फूल, गुलाल, कलावा तथा गुड आदि से होलिका का पूजन करते है । गोबर से बनाई गई खिलौनों की चार मालाएं अलग से घर लाकर रख दी जाती है। इसमें से एक माला पितरों के नाम की, दूसरी माला हनुमान जी के नाम की, तीसरी माला शीतला माता के नाम की तथा चौथी माला अपने घर- परिवार के नाम की होती है ।

 सर्वप्रथम कच्चे सूत को होलिका के चारों ओर सात परिक्रमा करते हुए लपेटा जाता है। फिर लोटे का शुद्ध जल व अन्य पूजन की सभी वस्तुओं रोली, चावल, गंध, पुष्प, कच्चा सूत, गुड, साबुत हल्दी, मूंग, बताशे, गुलाल, नारियल नई फसल के धान्यों जैसे- पके चने की बालियां व गेंहूं की बालियों को एक-एक करके होलिका को समर्पित किया जाता है,पुष्प से पंचोपचार विधि से होलिका का पूजन  किया जाता है एवं पूजन के बाद जल से अर्ध्य दिया जाता है

सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में होलिका में अग्नि प्रज्जवलित कर दी जाती है, अंत में सभी पुरुष रोली का टीका लगाते है, महिलाएं गीत गाती है.और लोग एक दूसरे को अबीर गुलाल रंग का तिलक करते है बडों का आशिर्वाद लेते है ।

 होलिका दहन में घर के सभी सदस्यों को अवश्य ही शामिल होना चाहिए । होलिका दहन  में चना, मटर, गेंहूँ बालियाँ या अलसी आदि डालते हुए अग्नि की तीन / सात परिक्रमा करें। इससे घर में शुभता आती है।
 होलिका दहन के बाद उसकी थोड़ी भस्म जरूर लाएं, उसका टीका किसी महत्वपूर्ण कार्य में जाते हुए पुरुष अपने मस्तक पर और स्त्री अपने गर्दन में लगाएं, कार्यों में सफलता मिलेगी और धन संपत्ति में भी वृद्धि होगी ।

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